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कसरौर बसोली पंचायत के उप स्वास्थ्य केंद्र का युवा समाजसेवीयों ने किया निरिक्षण


अपनी डफली अपनी राग को चरितार्थ करता हुआ बिहार सरकार की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की बानगी का एक और नजारा, दरभंगा जिले के अंतर्गत गौरा बौराम प्रखंड के कसरौर - बसौली पंचायत में ऊपस्थित यह प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र अलग ही कहानी बयान करता है. 

ग्राम सड़क के मुख्य मार्ग से 50 मीटर की दूरी पर स्थित चमकता हुआ यह उप स्वास्थ्य केंद्र उदास राहगीरों को निहारता है. बाहर से दिखने में रंग रोगन से दुरुस्त उप स्वास्थ्य केंद्र पर लगा हुआ जिला स्वास्थ्य समिति का बड़ा सा बैनर जिस पर सभी स्वास्थ्य जिला स्तरीय पदाधिकारी का कॉलम तो बनाया गया है लेकिन संपर्क सूत्र नदारद है. आस-पास पड़े मलबे के ढेर और स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया परिसर गाय भैंस के चारा हेतू अथवा मलवा डंपिंग करने का यार्ड मात्र है.

न ही कोई स्वास्थ्य जांच उपकरण मौजूद है न ही कोई दवाई उपलब्ध है, और ना ही कोई स्वास्थ्य सुविधाएं. खानापूर्ति के नाम पर पोलियो एव अन्य बच्चों को दी जाने वाली टीका की खुराक मिल ही जाती है. इस बदहाल व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन और अधिकारीगण प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं. 

कोरोना के प्रसार को रोकने हेतु टीकाकरण का अभियान  18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए चलाया गया है. उसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं उदासीन स्वास्थ्य व्यवस्था के पास कोई जवाब नहीं है कि क्या कोई महिला जो 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं वह किस प्रकार अपने गांव मोहल्ले से निकलकर क्षेत्र से सुदूर लगभग 15 से 25  किलोमीटर दूर  टीकाकरण केंद्र पर जाना सुनिश्चित करेंगी?  शायद इसलिए सोशल मीडिया अथवा प्रिंट मीडिया के कॉलम में टीकाकरण केंद्र से महिलाएं गौन है. 

इन तमाम चुनौतियों को देखते हुए यहाँ के युवा समाजसेवी मिथिला स्टूडेंट यूनियन के राजनितिक सलाहकार वीरेद्र कुमार अपने साथी शिवम कुमार, त्रिपुरारी कुमार, सुमित कुमार एवं स्थानीय युवाओं  के साथ कसरौर बसोली पंचायत के उप स्वास्थ्य केंद्र का निरिक्षण किया साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति दरभंगा से मांग किया है की....

1. कोविड प्रसार को देखते हुए तत्काल एक एंबुलेंस की व्यवस्था की जाए

2. 18+ (खासकर महिलाओं हेतू) टीकाकरण के लिए इसे सुचारू सेंटर बनाया जाए

3. साप्ताहिक चिकित्सा-चिकित्सक परीक्षण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से चालू किया जाए

4. मूलभूत आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए

5. कोविड संकट को देखते हुए उप स्वास्थ्य केंद्र के नेतृत्व में बगल के उच्च विद्यालय में आइसोलेशन सेंटर बनाया जाए

उपर्युक्त मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए वीरेंद्र कुमार ने बताया की इन सभी मांगों पर अमल करते हुए तत्काल इसे प्रभाव से लागू करें, अन्यथा आगे हमलोग जन आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

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