मन इन्द्रियों को स्वक्ष करने वाले कहलाते हैं सच्चे संत-महात्मा राम दास - BENIPUR NEWS

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Monday, 25 September 2017

मन इन्द्रियों को स्वक्ष करने वाले कहलाते हैं सच्चे संत-महात्मा राम दास



दरभंगा जिला के अलीनगर प्रखंड स्थित सदगुरु कबीर सत्संग योग आश्रम जोघट्टा  जंतीपुर द्वारा आयोजित दस दिवसीय ध्यान योग सह - सद्ज्ञान कार्यशाला में सद्गुरु राम साहब ने बताया कि संत का प्रादुर्भाव जगत कल्याण के लिए होता है इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए संत  तुलसी के कथन उधरहिं अंत न होहि निबाहू कालनेमि जिमि रावन राहू विषयाधारित विषय पर आज के उनका तथाकथित रावण  और राहु रुपी राक्षस जो संत वाणा धारण कर संत शब्दों को कलंकित कर रहा है।

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