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सती भरत महाविद्यालय की ये दुर्दशा क्यों ?



बिरौल प्रखंड के पड़री पंचायत में स्थित डिग्री कॉलेज जिसका नाम "सती भरत" महाविद्यालय हैं । इस कॉलेज पर यहाँ के सुदूर इलाके के लगभग 20 से अधिक गाँव के छात्र-छात्राओं का भविष्य निर्भर करता हैं । कुछ  खपरैल के क्लासरूम है उसकी भी दुर्दशा कही नहीं जा सकती | एक पुस्तकालय भवन है, उसी में महाविद्यालय का सभी काम चल रहा हैं । 




गौरतलब हो की इसी गाँव के दो-दो व्यक्ति विधायक रह चुके हैं परमानन्द ठाकुर व बेनीपुर के पूर्व विधायक व भाजपा के नेता गोपालजी ठाकुर | परन्तु इस महाविद्यालय के लिए इन्होंने कुछ किया होता तो आज महाविद्यालय की ये बद्तर स्थिति नहीं होती | यहाँ के छात्र अनिल मंडल कहते हैं की - यहाँ मात्र नामांकन और परीक्षा प्रपत्र भरने के समय ही शिक्षकों व छात्रों की भीड़ जमा होती हैं । इसी महाविद्यालय से स्नातक कर रहे छात्र गौरव कुमार का कहना हैं कि यहाँ एडमिशन, फार्म भरने के नाम पर छात्रों से अवैध उगाही की जाती हैं ।






इस महाविद्यालय में विकास शुल्क एवं अन्य-अन्य सुविधाओं के नाम पर छात्रों से धन की उगाही तो की जाती हैं परन्तु सुविधाएँ और पढाई-लिखाई शून्य बट्टा सनाटा है | अब देखना है की नेतागिरी को स्वार्थ हित में कलंकित करने वाले लोगों के विचार कब बदलते हैं | "सती भरत" महाविद्यालय को उद्धारक का तालाश है ....अब देखना हैं यहाँ के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शासन-प्रसाशन कब तक सजग होगी |

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