धेर्यवान बनों .. - BENIPUR NEWS

Breaking

Friday, 1 July 2016

धेर्यवान बनों ..




मित्रों विचार बिंदु के इस अंक में हम चिंतन करेंगे अपने व्यवहार पर । आज कल देखा जाता है ..ज्यादातर लोग छोटी-छोटी बातों पर अपना धेर्य खो बैठते है । बर्दास्त करने की क्षमता तो मानो.. विलीन ही होती जा रही है । जरा-जरा सी बात पर तमतमा जाना ,,आपा खो बैठना आम बात सी हो गई है । वेसे लोग कुछ समय पश्चात खुद ही पछताने लगते है ..और कहते हैं क्या करू खुद को कण्ट्रोल ही नहीं कर पाता हूँ । मित्रों अगर आप अपने धेर्य को साध लेते हैं । तो सम्भवतः आपके जीवन में ऐसी स्थिति आएगी ही नहीं ..और आई भी तो बड़ी से बड़ी समस्या से आप निपट सकते हैं । किसी भी बात पर आपा खो देना बहूत ही आसान है, लेकिन धेर्य को बनाये रखना उतना ही कठिन । धेर्य रखने से आप खुद फ़ायदे में तो रहते ही हैं साथ ही आप से जुड़े लोगों के लिए भी फायदेमंद होता है । धेर्य का मतलब है कि आप किसी भी तरह दिल को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देते । महान वेज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन ने इस सोच की गांठ बांध ली थी की धेर्य के बिना सबकुछ बेकार है । उन्होंने कहा की मेरी ज्यादातर खोजों में 99 प्रतिशत धेर्य और एक प्रतिशत प्रेरणा का योगदान रहा है ।


Quote 1. उत्कर्ष होने के लिए धेर्य की आवश्यकता है ।
– सिसरो 


Quote 2. धैर्यवान आदमी के क्रोध से सावधान रहो ।
– जाँन ड्राईडेन 


Quote 3. जिसमें धेर्य है वह सारी इच्छित वस्तुएं प्राप्त कर सकता है ।
– फ्रेंकलिन 


Quote 4. धेर्य  प्रतिभा का आवश्यक अंग है ।
– डिजरायली


Quote 5. चित की चंचलता से कार्य सिद्ध न कभी हुआ, न हो सकता है ।
– सुकरात 


Quote 6. धीरे-धीरे रे मना , धीरे सब कुछ होय ।
माली सींचै सौ घडा , ऋतु आये फल होय ।।
– कबीर

Quote 7. कोई भी कार्य करो, धीरता से करो, व्यग्र होने की आवश्यकता नहीं । यदि धेर्य – गुण अपने पास है , तब सभी गुणों का भण्डार अपने हाथ है ।
– मुनि गणेश वर्णी

No comments:

Post a Comment